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अपनी जड़ों से जुड़िए: जनजातीय कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जीवंत रखें
जनजातीय कला केवल एक सजावटी वस्तु नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है। हर पेंटिंग, हर डोकरा मूर्ति और हर हस्तनिर्मित वस्तु अपने भीतर इतिहास, प्रकृति और मानवीय भावनाओं... Read more...
झारखंड की GI-मान्यता प्राप्त सोहराय-खोवर कला और अन्य जनजातीय शिल्प
झारखंड की जीआई टैग प्राप्त कलाएं भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपराओं का प्रतीक हैं। सोहराय, खोवर, पाइटकर और डोकरा जैसी अनूठी कलाओं की कहानी जानें... Read more...
सोहराय कला: झारखंड की मिट्टी से जन्मी जीवंत आदिवासी विरासत
सोहराय कला झारखंड की प्राचीन जनजातीय चित्रकला है, जिसे आदिवासी महिलाएँ प्राकृतिक मिट्टी के रंगों से बनाती हैं। इस लेख में जानिए सोहराय कला का इतिहास, इसकी विशेषताएँ, प्राकृतिक रंगों... Read more...